देहरादून के निशा नर्सिंग होम में इलाज के दौरान हुई महिला की मौत, परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट को बताया ‘त्रुटिपूर्ण’ सौंपा ज्ञापन।

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आज दिनांक 08/07/2026 को पीड़ितपक्ष व सामाजिक संगठनों द्वारा महानिदेशक (स्वास्थ्य सेवाएं) उत्तराखंड जी को ज्ञापन दिया गया की पूर्व मै पीड़ित पक्ष द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून को एक निशा नर्सिंग होम देहरादून की लहपारवाही से एक जच्चा बच्चा की मित्यु हो गई थी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एक जाँच कमेटी इसमें गठित की थी, जाँच कमेटी द्वारा जो जाँच की रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी गई, पीड़ित पक्ष पूरी तरह जाँच रिपोर्ट से असंतुष्ट है, पीड़ित पक्ष द्वारा ज्ञापन के माध्यम से महानिदेशक उत्तराखंड को बताया गया की जाँच समिति ने स्वयं स्वीकार किया है की निशा नर्सिंग होम मै मरीज का LSCS ऑप्रेशन का निर्णय लिया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है, यदि संसाधन उपलब्ध नहीं थे तो ओप्रशन क्यों किया गया? यह जानबुझकर मरीज को जोखिम मै डालने का मामला है, सबसे गंभीर अनियमितता यह है की नर्सिंग होम का पंजीकरण किसी अन्य डॉक्टर के नाम पर है और ओप्रशन किसी अन्य डॉक्टर द्वारा किया गया है यह नियमो का सीधा उलंघन है, शिकायत के बाबजूद मरीज को समय पर रेफर नहीं किया गया जिससे मरीज की इस्थिति और बिगड़ गई, ज्ञापन के माध्यम से पीड़ित पक्ष ने पूर्व मै गठित जाँच रिपोर्ट को रद्द करते हुऐ मामले की एक निष्पक्ष व उच्च स्तरीय मेडिकल बोर्ड से पुनः जाँच कराई जाए, मामले को उत्तराखंड मेडिकल कॉउंसलिंग UKMC की एथिकल कमेटी के पास संदभीरत किया जाए ताकि चिकित्सकीय लापरवाही और पंजीकरण/ ओप्रशन नियमो के उलंघन के लिए जवाबदेही तय हो सके,

साथी आज अन्य जिलों जैसे की श्रीनगर, चमोली, अल्मोड़ा, पौड़ी आदि मै भी बहुत से संगठनो ने पीड़ित पक्ष को अपना समर्थन देते हुऐ नर्सिंग होम के खिलाफ व डॉक्टर के खिलाफ कार्यवाही की मांग की, ज्ञापन को संज्ञान मै लेकर महानिदेशक जी द्वारा पीड़ित परिवार को पूरा अस्वासन दिया गया की जल्द ही इस मामले मै एक कमेटी बनाकर कार्यवाही की जाएगी!

Soham Chauhaan
Author: Soham Chauhaan

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