विकासनगरः मुहर्रम पर जहां मातमी जुलूस के दौरान सीनाजनी कर लहू बहाया जाता है, वहीं विकासनगर ब्लाक क्षेत्र के अंबाड़ी में शिया समुदाय के युवाओं ने रक्तदान कर नई पहल की है। उन्होंने मातमी जुलूस से पहले रक्तदान शिविर लगाया और 150 यूनिट रक्तदान किया। इस पहल को मानवता को बचाने की कोशिश बताते हुए उन्होंने कहा कि रक्त बहाने के बजाय यह किसी जरूरतमंद के काम आए, यही सबसे बड़ा काम है।

बल्ती यूथ फेडरेशन के बैनर तले अंबाड़ी के लोग मुहर्रम पर इस प्रकार का आयोजन पांच साल से कर रहे हैं। तब कुछ युवाओं ने जरूरतमंदों के लिए काम करने की सोची। संस्था के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श किया गया तो यह ‘तय हुआ कि मातमी जुलूस के दौरान खून बहाने के बजाय खून का संग्रह किया जाए। इस पहल को सभी ने सराहा। पहले साल 65 लोगों ने रक्तदान किया। संगठन से जुड़े लोगों ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन अलेहस्लाम ने मानवता को बचाने के लिए अपनी कुर्बानी दी, इसलिए हम उनकी याद में रक्तदान कर मानवता को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। रक्त से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। शिविर में मौलाना सैयद कमाल हसन रिजवी, फेडरेशन के सदर मोहम्मद फैजमीर, फिरोज खान आदि मौजूद रहे।










